बागपत, मई 14 -- तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ उमस की अधिकता का सीधा असर फेफड़ों के साथ त्वचा पर भी पड़ रहा है। यही कारण है कि अस्पतालों में सांस और त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे ज्यादा इन्हीं दोनों विभागों में मरीज की भीड़ है। आद्र्रता की अधिकता के कारण पसीना निकल रहा है। त्वचा में जलन, फंगल संक्रमण, बैक्टीरियल संक्रमण, चकत्ते, दाने, फुंसियां जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। दाद, खुजली और बालों में फंगस भी बढ़ गया है। त्वचा और चर्म रोग विभाग में ऐसे करीब 70 फीसदी मरीज आए। इसके अलावा दमा, अस्थमा, टीबी के पुराने मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नम हवा भारी होने से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। फेंफड़ों में तंत्रिकाओं को सक्रिय करके सांस नलियों को छोटा कर देती हैं। इसके साथ धूल के कण, पराग और फफूंद एलर्जी को पैदा करते...
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