बगहा, दिसम्बर 14 -- बेतिया, बेतिया कार्यालय। भारत की संस्कृति की यह विशेषता है कि वह लोगों को स्वार्थी नहीं बल्कि परमार्थी बनाती है। भारत में यह परंपरा रही है कि लोग अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों व समाज के लिए अपना जीवन खपा देते हैं। उन्हें युगों-युगों तक याद रखा जाता है। उक्त बातें बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को बेतिया शहर के रमना मैदान स्थित ऑडिटोरियम में कहीं। वे संस्कार भारती की ओर से आयोजित भोजपुरी कला हाट के दूसरे दिन भारत के स्वत्व विषय पर भाषण दे रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि भारत के स्वत्व का मतलब है कि अपने आप को जानना। इसके लिए भारतीय मानस को जानना बेहद जरूरी है। उन्होंने भारतीय मानस को रेखांकित करते हुए आदि शंकर (आदि शंकराचार्य) के जीवन वृतांत को सुनाया। कहा कि जब वे 12-13 साल की उम्र में केरल से निकले थे तो अपने गु...