हरिद्वार, फरवरी 15 -- उत्तराखंड संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने कहा है कि स्वामी श्रद्धानंद भारतीय नवजागरण के पुरोधा रहे। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों को आगे बढ़ाकर समाज को नई दिशा दिखाई। गुरुकुल कांगड़ी विवि में रविवार को स्वामी श्रद्धानंद की 171वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में वे बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने नारी शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, वैदिक शिक्षा के पुनरुत्थान और सामाजिक भेदभाव मिटाने के लिए उल्लेखनीय काम किए। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति विदेशी प्रणाली की तुलना में अधिक संस्कारयुक्त है। कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। डॉ. हिमांशु पंडित ने संचालन किया, जब...