रामगढ़, फरवरी 2 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि ब्रज गोपिका सेवा मिशन की ओर से आयोजित 21 दिवसीय विलक्षण दार्शनिक धारावाहिक प्रवचन श्रृंखला के तृतीय दिवस सोमवार को स्वामी युगल शरण का भव्य स्वागत माल्यार्पण और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इसके उपरांत स्वामी ने अपनी विशिष्ट, तार्किक और भावप्रवण शैली में श्रोताओं को आत्मचिंतन के लिए विवश कर दिया। प्रवचन में स्वामी ने कहा कि प्रत्येक जीव प्रतिपल आनंद चाहता है, फिर भी उसे आनंद नहीं मिलता क्योंकि उसने गलत दिशा पकड़ ली है। जीवात्मा स्वयं को आत्मा मानने के स्थान पर देह मान बैठी है और इंद्रिय सुख को ही आनंद समझ रही है, जबकि वास्तविक आनंद आत्मा का विषय है, देह का नहीं। देह को सुख देने से आत्मा तृप्त नहीं हो सकती। स्वामी ने स्पष्ट किया कि जीव भगवान का अंश है क्योंकि वह भगवान की जीवशक्ति से उत्पन्न है। भगवान...