मेरठ, अप्रैल 6 -- मेरठ। आर्य समाज थापर नगर में आर्य समाज के स्थापना दिवस महोत्सव में शनिवार को वक्ताओं ने महर्षि स्वामी दयानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद का दृष्टिकोण अत्यंत व्यापक था। आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोंच्चारण कर यज्ञ कराया। आर्य समाज थापर नगर के प्रधान राजेश सेठी ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने जन्म से ब्राह्मण होते हुए भी मनुष्य को वेद पढ़ने पढ़ाने, सुनने-सुनाने का अधिकार प्रदान किया। वेद मंत्रों की व्याख्या यौगिक संस्कृत के आधार पर कर उनको ईश्वरिय ज्ञान सिद्ध किया। धर्म के क्षेत्र में उनका चिंतन क्रांतिकारी था। आचार्य वेदपाल ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने सत्यार्थ प्रकाश के प्रथम समुल्लास में परमात्मा के मुख्य नाम ओ३म की व्याख्या की और गायत्री मंत्र की महत्ता को प्रस्तुत किया। डा....
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.