प्रयागराज, जनवरी 19 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से नहीं रोका गया था, बल्कि वाहन से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया गया था। तीन घंटे तक लगातार अनुरोध भी किया गया, लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े रहे। बिना अनुमति के मौनी अमावस्या स्नान पर्व की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को वर्ष 2022 से ही शंकराचार्य का प्रोटोकॉल नहीं दिया जा रहा है। यह दावा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की ओर से सोमवार को मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान किया गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दो वाहनों की अनुमति मांगी थी। लेकिन, मेला प्रशासन ने अत्यधिक भीड़ व सुरक्षा...