आजमगढ़, फरवरी 7 -- आजमगढ़,संवाददाता। हरिऔध कला केंद्र में शनिवार को 26वें आजमगढ़ पुस्तक मेले के अवसर पर शुरूआत समिति द्वारा किसान के सहयोग से 'जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि प्रबंधन एवं नागरिक दायित्व" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता नार्थ ईस्टर्न हील यूनिवर्सिटी मेघालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के समय में फसल अवशेष प्रबंधन आज के समय की मांग है। क्योंकि स्वस्थ समाज के लिए सतत एवं पर्यावरण हितैषी कृषि ही बेहतर विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे मुल्क में जहां मुख्यत: आय का स्त्रोत कृषि रहा है। आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत को कृषि में लागू करें। इसका सबसे बेहतर विकल्प खेती को बढ़ावा देना है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश राय ने कहा कि आज के समय में फसल अवशेषों के ...