मुजफ्फर नगर, फरवरी 16 -- भागवत पीठ शुकतीर्थ की पावन धरा पर स्थित ध्यान योग आश्रम एवं आयुर्वेद शोध संस्थान में पांच दिवसीय योग शिविर का रविवार को समापन हो गया। योग शिविर समापन पर बोलते हुए स्वामी ब्रह्ममूर्ती योगीतीर्थ महाराज ने कहा कि जिसमें सरलता है वहीं संत हैं। संयम, सफलता के लिए दिशा, मार्ग और लक्ष्य तीनों चाहिए। योग ध्यान जीवन‌ का द्वार है। योग आचरण शुद्धता मांगेगा। योग ध्यान चेतना की अन्तयात्रा है। महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा जो साधक सब छोड़ने को तैयार हो, परन्तु स्वयं को छोड़ने को तैयार नहीं वह कभी शिष्य नहीं बन‌ सकता। कार्यक्रम को गुरुकुल कांगड़ी संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के पूर्व कुलपति प्रोफेसर दिनेश चंद्र शास्त्री, शिवानंद महाराज, सदानंद महाराज, आदित्य महाराज,सतेन्द्र आर्य आचार्य इंद्रपाल आदि ने विचार रखे। स...