संतकबीरनगर, दिसम्बर 3 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। अगर हौसले बुलंद हों तो किसी भी प्रकार की अक्षमता आड़े नहीं आती है। जिले में ऐसे भी लोग हैं जो स्वयं तो दिव्यांग होने से अक्षम हैं पर दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। प्रमोद कुमार दुबे स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद अन्य दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। वहीं मौलाना उबैदुर्रहमान खान भी दिव्यांग होते हुए दिव्यांग जनों की सेवा व अधिकारों के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। नाथनगर ब्लाक के सुकरौली गांव के निवासी 42 वर्षीय प्रमोद कुमार दुबे कमर से पूरी तरह दिव्यांग हैं। फिर भी इनके हौसले बुलंद है। इन्होंनें दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने एवं दिव्यांग हित में जिला, मंडल के अलावा प्रदेश तक संघर्ष किया। दिव्यांगता के बावजूद भी पूरे जनपद में शासन की योजनाओं प्रचार प्...
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