गुड़गांव, फरवरी 15 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सेक्टर-29 के लेजरवैली मैदान में चल रहे सरस आजीविका मेला स्वदेशी और ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बना रहा है। मेले में महिला स्वयं सहायता समूह अपने हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मंच ग्रामीण महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने को मजबूती प्रदान करने के साथ उन्हें सामाजिक पहचान दिलाता है। कई महिलाएं अपने हस्तशिल्प, कढ़ाई, सिलाई और पारंपरिक उत्पादों के जरिए लाखों रुपये की कमाई कर चुकी हैं। इस बारे में चार अन्य राज्यों की स्टॉल लगाकर महिलाओं को जोड़ा गया है। ग्रामीण महिलाओं के विकास की और एक अहम कदम: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला ग्रामीण महिलाओं के लिए न केवल एक प्लेटफार्म है,...