गाजीपुर, नवम्बर 3 -- भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद। अमर शहीदों के गांव शेरपुर कलां गांव में स्वतंत्रता में अहम योगदान देने वाले 'जिंदा शहीद' के नाम से विख्यात स्वर्गीय सीताराम राय की पुण्यतिथि पर ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि दी। समाजसेवी लल्लन राय ने कहगा कि बाबू साहब जिन्दा दिल इंसान थे। हमेशा सबको एक होकर चलने की सलाह देते थे। समाजसेवी हिमांशु राय ने कहा कि गुलामी के दौर में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्व. सीताराम राय को कुल चार गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर मुनरो से कहा कि मुझे गोलियों की कोई परवाह नहीं मैं अभी भी जिंदा हूं हमेशा मैं जिन्दा रहूंगा। उनकी जांबाजी देख कलेक्टर हतप्रभ रह गया और अस्पताल भिजवाया। इसके बाद से वे जिन्दा सेनानी कहलाते थे। डॉ. आलोक राय ने कहा कि बाबू साहब बहुत ओजस्वी व्यक्तित्व के धनी थे। जब वे वक...
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