मऊ, जून 27 -- मऊ। जननायक स्वामी सहजानंद सरस्वती की 75वीं पुण्यतिथि के अवसर पर स्वामी सहजानंद जनमंच के तत्वावधान में अस्तूपुरा में गुरुवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ। भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के समय स्वामी सहजानंद सरस्वती ने किसानों और मजदूरों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर देश की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। धर्म, संस्कृति और समाज को लेकर उनके विचार अत्यंत तर्कपूर्ण थे, जो संपूर्ण मानव जाति के भलाई के लिए थे। जिसके कारण उन्हें भारतीय पुनर्जागरण का शलाका पुरुष कहा जाता है। विशिष्ट अतिथि विजय बहादुर पाल ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती का समूचा जीवन किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित था। विशिष्ट वक्ता अधिवक्ता राकेश सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने भारत के इतिहास में प्रथम बार किसानों को संगठित करने और उनका ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.