बरेली, जनवरी 24 -- स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 इस बार शहर के लिए बड़ी चुनौती बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से जारी नई टूलकिट के तहत स्वच्छता के मापदंडों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। अब सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक भवनों और कार्यालय परिसरों में पान-गुटखा के लाल दाग (रेड स्पॉट) और खुले में पेशाब से बने पीले निशान (येलो स्पॉट) मिलने पर सीधे शहर की रैंकिंग पर असर पड़ेगा। शासन से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार यदि सर्वे के दौरान इस तरह की लापरवाही सामने आती है तो एक ही स्थान पर 150 अंकों तक की कटौती की जा सकती है। ऐसे में अच्छी रैंकिंग हासिल करना इस बार नगर निगमों के लिए कठिन होगा। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली ने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया था और वहीं बरेली की पिछली रैंकिंग 38वीं रही थी। इस बार रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम को...