फरीदाबाद, जुलाई 26 -- फरीदाबाद, कार्यालय संवाददाता। स्मार्ट सिटी के स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने का मूल कारण सार्वजनिक शौचालयों में फैली गंदगी रहा। शहर में करीब 63 फीसदी शौचालय ऐसे हैं, जहां साफ-सफाई न के बराबर हैं। मात्र 33 फीसदी शौचालयों को साफ-सुथरा बनाने का दावा किया जा रहा है। इससे आमजन उसको उपयोग करने के वजाय खुले में शौच करना पसंद करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐेसा नहीं है कि इसकी जानकारी नगर निगम या संबंधित विभाग को नहीं है। निगम हर साल शौचालयों की साफ-सफाई की योजना बनाकर बजट बनाती है। उसका टेंडर भी जारी करती है। टेंडर लेने के बाद ठेकेदार संबंधित अधिकारियों को मिली-भगत कर और सब्जबाग दिखाकर शौचालयों की समुचित साफ-सफाई नहीं कराती। नतीजन शहर में खुले में शौच को बढ़ावा मिल रहा है। जानकरी के अनुसार स्मार्ट सिटी में नगर निगम क...
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