लखनऊ, दिसम्बर 8 -- स्मार्ट प्रीपेड मीटर को वैकल्पिक घोषित किए जाने की मांग करती याचिका सोमवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग में दाखिल की गई। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश सौंपते हुए तत्काल इस संबंध में आदेश जारी करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि प्रीपेड मीटर चुनने का विकल्प उपभोक्ताओं के पास है। प्रदेश में केंद्र सरकार की योजना रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदला जा रहा है। इसके अलावा आयोग के आदेश के बाद भी अनिवार्य तौर पर नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ ही दिए जा रहे हैं। तमाम उपभोक्ता इस तरह से जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) का हवाला दे...