मुजफ्फरपुर, फरवरी 5 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे के विश्वविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत स्नातक कर रहे छात्रों के सामने क्रेडिट पूरा करने का संकट है। छात्रों को आठवें सेमेस्टर में रिसर्च करना है, लेकिन कॉलेजों में रिसर्च के लिए जर्नल नहीं हैं। आठवें सेमेस्टर में सबसे ज्यादा 12 क्रेडिट रिसर्च का ही है। छात्रों को स्नताक में ही शोध से रूबरू कराने के लिए नये सिलेबस में रिसर्च को जोड़ा गया है। बीआरएबीयू के विज्ञान के एक शिक्षक ने बताया कि स्नातक में सैद्धांतिक रिसर्च को तो किसी तरह से कराया जा सकता है, लेकिन प्रैक्टिकल कराने में परेशानी है। कॉलेजों की लैब में रिसर्च के लायक उपकरण नहीं हैं। हिंदी की एक शिक्षक ने बताया कि कॉलेजों में शोध के लिए रिसर्च जर्नल उपलब्ध नहीं हैं। खासकर ग्रामीण इलाके के कॉलेजों मे...