गया, अक्टूबर 12 -- स्टेम सेल के उपयोग से इस्केमिक ब्रेन इंजरी और अन्य प्रकार की तंत्रिका संबंधी चोटों का इलाज किया जा सकता है और प्रभावित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकते हैं। स्वीडन स्थित गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय के तंत्रिका विज्ञान एवं शरीरक्रिया विज्ञान विभाग के स्टाफ साइंटिस्ट डॉ. गौरव वर्मा ने दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में आयोजित विशेष व्याख्यान में मस्तिष्क और तंत्रिका संबंधी चोटों के उपचार की इन संभावनाओं पर चर्चा की। डॉ. वर्मा ने सीयूएसबी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में ''इस्केमिक ब्रेन इंजरी में स्टेम सेल-माइटोकॉन्ड्रिया प्रत्यारोपण का उपयोग करके तंत्रिका संबंधी जीवन रक्षा को बढ़ाना'' विषय पर एक व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान का आयोजन पृथ्वी, जैविक एवं पर्यावरण विज्ञान संकाय (एसईबीईएस) के डीन प्रो. रिजवानुल हक और जैबायो...
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