नई दिल्ली, मई 12 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा अदालत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अदालत को एक दशक पुराने सड़क दुर्घटना मामले में तब फैसला स्थगित करना पड़ा, जब नियमित स्टेनोग्राफर ने आत्महत्या की धमकी दे दी। धमकी देने के बाद वह अदालत कक्ष से भी बाहर चला गया। इस अप्रत्याशित घटना के कारण अदालत ने मामले में फैसला सुनाना स्थगित कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नेहा गर्ग की अदालत ने कहा कि चूंकि स्टेनोग्राफर ने आत्महत्या की धमकी दी है, इसलिए मामले में फैसला सुनाने के लिए फिर से सूचीबद्ध किया जाए। ---- यह है पूरा मामला यह मामला लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ा हुआ था। साल 2012 में एक ट्रक चालक ने लापरवाही से वाहन चला रहा था। तेज गति और लापरवाही के कारण मोटरसाइकिल सवार की मृत्यु हो गई थी। स्टेनोग्राफर के साथ मामले ...
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