गुड़गांव, जनवरी 2 -- गुरुग्राम। गुरुग्राम जिले में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वे अभियान शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो बच्चे सर्वे में मिलेंगे, क्या वे बाद में भी मिल पाएंगे या नहीं। पिछले वर्षों का अनुभव बताता है कि सर्वे के दौरान दर्ज किए गए कई बच्चे बाद में ट्रेस नहीं हो सके। कहीं परिवार पलायन कर गया, तो कहीं गलत पता या संपर्क नंबर दर्ज होने के कारण बच्चे दोबारा नहीं मिल पाए। इन्हीं खामियों को ध्यान में रखते हुए इस बार सर्वे में ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला स्तर पर शुरू हुआ सर्वे, छुट्टियों में भी काम: सर्दियों की छुट्टियों के बावजूद 1 से 19 जनवरी तक गुरुग्राम जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह विशेष सर्वे अभियान चलाया जा रहा...