नई दिल्ली, नवम्बर 29 -- तमिलनाडु की एक अदालत ने दलित समुदाय की एक महिला को सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए खाना बनाने से रोकने के मामले में छह लोगों को दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2018 का है। अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने पी पलानीसामी गौंडर, एन शक्तिवेल, आर षणमुगम, सी वेलिंगिरी, ए दुरैसामी और वी सीता लक्ष्मी को जातिगत भेदभाव और अन्य अपराधों के लिए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जिले के थिरुमलाई गौंडमपलायम स्थित सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रसोइया पी पप्पल (44) को छह लोगों के हाथों भेदभाव का सामना करना पड़ा था। सभी छह लोग बच्चों के अभिभावक हैं। अभिभावकों ने दलित महिला रसोइया के स्कूल के बच्चों के लिए खाना पकाने पर आपत्ति जताई थी। तमिलनाडु अस्प...