मऊ, अगस्त 4 -- मऊ। नई शिक्षा नीति के तहत अब बच्चों के स्कूल बैग का वजन उनके शरीर के वजन का केवल 10 प्रतिशत होगा। यह बदलाव माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों में मान्य है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूल बैग के बढ़ते भार को कम करना है। सरकार के इस कदम से बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्कूली बैग का वजन कम होने से छात्र-छात्राओं को काफी राहत महसूस होगी और स्कूल जाते समय-आते समय बच्चे बस्ते का वजन कम होने से थकान से बचेंगे और खुद का हल्का भी। प्री-प्राइमरी में बच्चों को नहीं ले जाना पड़ेगा स्कूल बैग। नई शिक्षा नीति के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को विद्यालय में पढ़ाई करने के लिए अब स्कूल बैग लेकर नहीं जाना पड़ेगा। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।स्कूल बै...
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