मधुबनी, जुलाई 4 -- घोघरडीहा। प्रखंड के विद्यालयों में फस्ट एड की सुविधा नहीं है। इससे खेल कूद के दौरान घायल होने वाले छात्र छात्राओं को परेशानी हो रही है। विद्यालय में खेल कूद के दौरान बच्चे अक्सर गिरकर चोटिल होते रहते हैं। लेकिन, उनके प्राथमिक उपचार की सुविधा विद्यालयों में नहीं है। घायल बच्चों को इलाज कराने के लिए शिक्षक अस्पताल में ले जाते हैं। इसके बाद बच्चे विद्यालय या अपने घर लौटते हैं। अभिभावक रमेश कुमार, उज्जवल पासवान, सुमित चौधरी व अन्य का कहना है कि अगर विद्यालय में फस्ट एड की सुविधा रहती तो बच्चों को अस्पताल ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती और उन्हें भी सहूलियत होती। शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2023 में 2000 रुपए हर विद्यालय को फस्ट एड के लिए भेजे गए थे। लेकिन, अब फस्ट एड कीट में उपलब्ध रहने वाले डिटॉल, रूई, कॉटन, थर्मामीटर समाप्त ह...
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