बागपत, दिसम्बर 7 -- वित्त पोषित स्कूलों की बदहाल प्रैक्टिकल लैब और भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान के शिक्षक न होने से लगातार बच्चों की संख्या घट रही है। आधा दर्जन स्कूलों में इंटरमीडिएट में बच्चों की संख्या बमुश्किल 30 से 40 बची है। शैक्षिक सत्र के आठ माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक बच्चों ने प्रैक्टिकल लैब नहीं देखी है। लैब में ताला पड़ा हुआ है। प्रधानाचार्य के पास रुपये नहीं है कि वे लैब को दुरुस्त कराएं। केमिकल व नए उपकरण खरीदें। प्रबंधक कोई मदद नहीं कर रहे हैं। अब इन्हें सरकार से आस है कि राजकीय स्कूलों की तरह इन्हें भी बजट दिया जाए। ---- प्रैक्टिकल फीस से लैब करायी दुरुस्त बागपत के एक इंटर कॉलेज की लैब अन्य से बेहतर है। रसायन विज्ञान की लैब में केमिकल हैं। भौतिकी विज्ञान की लैब के उपकरण काफी पुराने हैं, लेकिन रख-रखाव सही होने से काम कर रहे ...