नई दिल्ली, जनवरी 5 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश भर में स्कूल और स्कूली छात्रों के मूवमेंट की मैपिंग की जा रही है, जिससे जरूरत के हिसाब से नए शैक्षिक संस्थान खोले जा सकें और मौजूदा गैप को भरा जा सके। इस कवायद को मौजूदा सकल नामांकन दर बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा स्कूली छात्रों के मूवमेंट की मैपिंग का मतलब यह है कि किस स्थान विशेष से किस स्ट्रीम के छात्र ज्यादा उच्च शिक्षा के लिए निकल रहे हैं। अधिकारी ने कहा इसके आधार पर जरूरतें पता चलेंगी कि हमें साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज या अन्य विधाओं में कहां पर नए संस्थान की जरूरत है। साथ ही यह भी पता चलेगा कि छात्रों का रुझान क्या है। इसके आधार पर उन्हे कौशल और रोजगार से भी जोड़ने में मदद मिलेगी। एक अधिकारी ने कहा कि स्कूल मैपिंग का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य शैक्षिक ...