नई दिल्ली, जुलाई 18 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवादाता। वर्ष 2021 में अपनी 14 वर्षीय सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के जुर्म में अदालत ने एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को अन्य लड़कियों के लिए खतरा बताते हुए उसे यथासंभव लंबे समय तक समाज से दूर रखने का आदेश दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने कहा कि इस घृणित कृत्य के लिए व्यक्ति को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अदालत बलात्कार व पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी के खिलाफ सजा पर बहस सुन रही थी। अदालत ने कहा कि दोषी को सजा सुनाते समय इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दोषी ने न केवल नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार किया है, बल्कि उसने उसे लगभग 18 सप्ताह तक गर्भवती भी रहने दिया है। अगर दोषी एक छोटी बच्ची के साथ (जिसके स...
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