ललितपुर, जनवरी 12 -- कर्नाटक से मुक्त करवाकर जनपद लाए गए मजदूरों को उनके घर छोड़ने के बाद गांव में ही काम दिलाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मुख्य विकास अधिकारी से बातचीत करके श्रमिकों को मनरेगा के तहत निर्धारित अधिकतम दिनों तक काम दिलाने के निर्देश दिए। काम की तलाश में कर्नाटक गए मड़ावरा ब्लाक स्थित पापड़ा और सौलदा के सहरिया परिवारों को वहां बंधक बना लिया गया था। वहां उनसे ढाई माह तक मजदूरी कराई गई। उनसे सुबह छह बजे से ही काम लिया जाता था। आठ दिनों में पांच किलो आटा और 250 रुपये सब्जियों, दाल, मसाला, तेल आदि के लिए मिलते थे। विरोध करके पूरी मजदूरी मांगने पर दलाल और खेत मालिक के गुर्गे उनको डराते, धमकाते रहते थे। एक भी दिन वह और उनका परिवार भरपेट भोजन नहीं कर सका। इसकी जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी...