अलीगढ़, अक्टूबर 6 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है। वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि आज दोपहर 12:23 मिनट से आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है जो कि कल प्रातः 9:17 मिनट तक रहेगी। ऐसे में देश भर में आज सोमवार को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन से ही शरद ऋतु शुरू का प्रारंभ माना जाता है। चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होकर अमृत की वर्षा करता है, जिससे धन, प्रेम और स्वास्थ्य के मोर्चे पर लाभ मिलता है। इसी दिन भगवान कृष्ण ने महारास रचाया था। आज खीर के भोग का भी विशेष महत्व है,चंद्रमा का संबंध दूध से माना ...