इटावा औरैया, अक्टूबर 29 -- सैफई। विश्व सोरायसिस दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत ने कहा कि विश्व सोरायसिस दिवस केवल एक त्वचा रोग के प्रति जागरूकता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक स्वीकार्यता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि इन रोगों से पीड़ित लोगों के प्रति सहानुभूति रखे और उन्हें मानसिक सहयोग प्रदान करे। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता ने बताया कि सोरायसिस एक दीर्घकालिक प्रतिरक्षा-संबंधी त्वचा रोग है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएँ अत्यधिक तेजी से बढ़ती हैं, जिससे लाल चकत्ते और परतदार त्वचा बन जाती है। यह रोग न तो संक्रामक है और न ही लाइलाज। इसे नियमित उपचार, सही जीवनशैली और मान...