रांची, सितम्बर 22 -- रांची। विशेष संवाददाता पलामू जिले के हुसैनाबाद सोया पहाड़ पर वर्ष 2017 में फर्जी दस्तावेज के आधार पर लीज देने के आरोप को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सरकार के जवाब पर प्रार्थी ने विरोध जताया। इसके बाद चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने प्रार्थी को अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई दुर्गा पूजा के बाद निर्धारित की। इस मामले में पलामू के डीसी ने जवाब दाखिल किया है। डीसी की ओर से कहा गया है कि पूर्व में यह जमीन जंगल -झाड़ प्रकृति की थी। दूसरे सर्वे में प्रकृति पहाड़ हो गयी। इसलिए उसे खनन के लिए दिया गया है। जबकि प्रार्थी का कहना था कि खतियान में जंगल-झाड़ लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी की मिलीभगत से खतियान बदलकर अवैध तरीके से खनन करने के लिए यह दिया गया है।
हिंदी ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.