नई दिल्ली, जून 23 -- Som Pradosh Vrat katha Kahani : प्रदोष व्रत भोले शंकर को ही समर्पित होता है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस समय आषाढ़ माह चल रहा है। आज यानी 23 जून 2025, सोमवार को आषाढ़ माह का प्रदोष व्रत है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ते है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में ही पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रदोष काल संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू हो जाता है। कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत में व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए। प्रदोष व्रत कथा का पाठ करने से भगवान शंकर की विश...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.