नई दिल्ली, फरवरी 2 -- केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नेपाल और बांग्लादेश की तरह विरोध-प्रदर्शन के लिए 'जेन जी' को उकसाने की कोशिश की थी। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.वी. वराले की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वांगचुक ने 'अरब स्प्रिंग' जैसे आंदोलन का भी जिक्र किया था। इस आंदोलन के कारण अरब जगत के कई देशों में सरकारें गिर गई थीं। मेहता ने कहा कि उन्होंने 'जेन जी' को उकसाने के लिए अपने भाषण को सावधानीपूर्वक तैयार किया और नेपाल और बांग्लादेश की तरह आंदोलन करने का आह्वान किया तथा महात्मा गांधी के भाषणों का इस्तेमाल अपने असली इरादे को छिपाने के लिए किया। 'जेन जी' शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है कि जिनक...