नई दिल्ली, फरवरी 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत को लेकर केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार वांगचुक के बयानों का बहुत ज्यादा मतलब निकाल रही है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि वांगचुक ने चेतावनी दी थी कि लद्दाख में नेपाल जैसी हिंसक अशांति हो सकती है और युवा अब शांतिपूर्ण तरीकों की प्रभावशीलता पर संदेह कर रहे हैं। इस पर पीठ ने वांगचुक के भाषण का संदर्भ देते हुए कहा कि वांगचुक इसके बजाय शांतिपूर्ण तरीके छोड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त कर रहे थे। पीठ ने कहा, "वह च...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.