सोनभद्र, नवम्बर 17 -- सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खदान में हुए हादसे ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है। खदान में जहां नियमों के तहत अधिकतम 30 फीट से गहराई में खोदाई की अनुमति ही नहीं थी, वहां हैरतअंगेज तरीके से 150 फीट से अधिक गहराई तक खोद डाला गया। प्रशासनिक तंत्र की निगरानी के बीच इतने बड़े पैमाने पर खनन का चलना खुद इस बात का सबूत है कि यहां नियमों को ताक पर रखा गया। 15 नवंबर को दिन में करीब तीन बजे मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। कई घंटे से मशीनें बिना रुके चल रही थीं। गहराई बढ़ चुकी थी और दीवारों पर दरारें दिखने लगी थीं, लेकिन मजदूरों की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी बीच अचानक जोरदार धमाके के साथ खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। पल भर में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। ऊपर की जमीन पर खड़े लोगों को सिर्फ धूल का गुबार ...
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