रांची, दिसम्बर 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अनुबंध पर नियुक्त पूर्व सैनिक गवर्निंग स्कीम में तय समय-सीमा के बाद नौकरी जारी रखने या नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा विस्तार का दावा नहीं कर सकते हैं। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य की स्पेशल ऑक्सिलरी पुलिस फोर्स (सैप) में अनुबंध के आधार पर कार्यरत पूर्व सैनिकों के सेवा विस्तार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है। अदालत ने सैप में कार्यरत पूर्व सैनिकों की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि सैप का गठन 7 जून 2008 को एक विशेष सरकारी योजना के तहत किया गया था। इस योजना के क्लॉज-3 में स्पष्ट उल्लेख है कि नियुक्ति शुरुआत में दो वर्ष के लिए होगी, जिसे अधिकतम 5 वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। यानी ...