नई दिल्ली, जनवरी 28 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सैन्य बल में नियुक्ति पाने वाले जवान को कम से कम 10 साल सेवा देना जरूरी है। हाईकोर्ट का तर्क था कि एक सैन्य बल तैयार (ट्रेनिंग) करने में लाखों का खर्च आता है। ऐसे में जवान द्वारा मर्जी से नौकरी छोड़ने पर राजकोष नुकसान नहीं उठाएगा। जस्टिस बी कामेश्वर राव एवं जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति पाने के बाद नौकरी छोड़ने वाले उम्मीदवार को राहत देने से इनकार कर दिया। इस उम्मीदवार ने ट्रेनिंग के समय जमा कराए गए 2 लाख 57 हजार 544 रुपये ब्याज सहित वापस कराने के लिए याचिका दायर की थी। यह भी पढ़ें- यौन शोषण पीड़िता का नाम कोर्ट डॉक्यूमेंट में भी प्रकट न करें, पुलिस से बोला HC याचिक...