समस्तीपुर, नवम्बर 11 -- रोसड़ा, निसं। 49 वें आचार्य रामजीवन नर्विाण महोत्सव के समापन के अवसर पर मंगलवार की देर रात चौका आरती का आयोजन किया गया। चौका आरती में सैकड़ों लोगों ने कबीरपंथ की दीक्षा वचनवंशीय आचार्य गद्दी, महादेव मठ के महंथ आचार्य डा. वद्यिानंद शास्त्री से ली। कबीर पंथ की दीक्षा लेने के बाद पंथ के नियमानुकूल आचरण का पालन किया जाता है। गृहस्थ जीवन में वैष्णव रहकर कबीर के आदर्शो का पालन करना उनका मूल कर्तव्य होता है। साथ ही सद्गुरू कबीर के आदर्शो को फैलाना भी उनके कर्तव्यों में निहित है। संत कबीर शोध संस्थान के देवनारायण यादव ने बताया कि वचनवंशीय परंपरा में चौका-पाण का विशेष महत्व है। कबीरपंथी बीजक और पांजि पंथ प्रकाश में वर्णित नियमों को अपनाते हैं। चौका पाण का कार्यक्रम भक्त अपने घर भी कर सकते हैं, परंतु कबीर पंथ में दलित, शोषित व...
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