बागपत, नवम्बर 29 -- बागपत। कोर्ट ने गलत साक्ष्य तैयार करने, युवक को अवैध हिरासत में रखने, एससी/एसटी एक्ट के मामले में सेवानिवृत्त दरोगा अमन सिंह को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससीएसटी पवन कुमार राय ने 1.01 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास के आदेश जारी किए गए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में खेकड़ा कोतवाली में तत्कालीन दरोगा अमन सिंह और एचसीपी बिजेंद्र के खिलाफ एसएसआई रजनीश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि वर्ष 2015 में खेकड़ा कोतवाली में रवि निवासी सांकरौद के खिलाफ दर्ज डोडा बरामदगी के मामले की जांच आईजी ने क्राइम ब्रांच मेरठ से कराई, जिसमें आरोपी युवक रवि की गिरफ्तारी और बरामदगी फर्जी मिली। इसके बाद तत्कालीन एसआई अमन सिंह और एचसीप...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.