पटना, फरवरी 16 -- राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार यह कानून ला रही है कि महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके व्यक्ति, अधिकारी, फौजी अफसर आदि लोग सेवानिवृत्ति के 20 वर्ष बाद ही कोई किताब लिख सकेंगे। आखिर ऐसा क्यों? सोमवार को जारी बयान में सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसा क्या गलत काम कर रही है, जिसे उसे भय सता रहा है। आर्मी जनरल नरवणे की पुस्तक को चार वर्षों से प्रकाशित नहीं होने दिया गया है। जो लोग भारत को चला रहे हैं, नीति-निर्धारण के पदों पर रहे हैं, वित्त, योजना, सेना, सुरक्षा, विज्ञान, शिक्षा, अर्थनीति, बैंकिंग, कृषि और उद्योग से जुड़ी नीतियों और योजनाओं को आकार दे रहे हैं, उन्हें अमली जामा पहना रहे हैं, अगर वे सेवानिवृत्ति के 20 वर्ष बाद तक अपने अनुभवों को पुस्तक के रूप में नहीं लिख सकेंगे, तो कौन-सा निर्णय क्यों हुआ, कैसे हुआ...