कानपुर, नवम्बर 6 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता सेप्टिक टैंक या इंडस्ट्री के टैंक में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से होने वाली मौत को रोका जा सकेगा। अब टैंक में उत्पन्न हो रही जहरीली गैसों की रियल टाइम मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी, जिससे हादसों के साथ अन्य दुष्प्रभावों को भी रोका जा सकेगा। इसके लिए पीएसआईटी के छात्रों ने एक एडवांस्ड सेफ्टी एंड मॉनीटरिंग डिवाइस इंफ्रासेंस विकसित की है। जिसका बीती रात शहर के विभिन्न सेप्टिक टैंक में सफल परीक्षण भी किया गया। पीएसआईटी के ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने बताया कि कुछ समय पहले संस्थान और केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) के बीच एक समझौता हुआ था। जिसमें केडीए के अधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं व चुनौतियों को साझा किया था। इसी समझौते के तहत यह विशेष डिवाइस विकसित की गई है। इस डिवाइस की उपयोगिता का परीक्षण ...
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