नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि अधिसूचित सेना कोर में महिलाओं की भर्ती संख्यात्मक रूप से सीमित नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने सेना अधिनियम की धारा-12 का हवाला देते हुए महिला भर्तियों की वकालत की। हाईकोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 14, 15 व 16 लैंगिक समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट ने इस मामले में महिला उम्मीदवारों को राहत दी है। न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ के अपने आदेश में कहा कि पद रिक्त रहने तक पात्र महिला उम्मीदवारों को विचार से वंचित नहीं किया जा सकता। पीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को 62 रिक्त पुरुष पदों पर नियुक्ति के लिए विचार किया जाना चाहिए, बशर्ते कि वे एक या अधिक चिह्नित कोर व सेवाओं में उपयुक्त हों। यह स्पष्ट किया गया कि इस आदेश का लाभ केवल उन्हीं...