देहरादून, जुलाई 5 -- देश के कई हिस्सों में पंचायत चुनाव जाति संघर्ष और विवादों की खबरों से भरे होते हैं। उत्तराखंड में तस्वीर इसके उलट है। यहां चुनाव समर्पण, समझदारी और सौहार्द से लोकतंत्र की जड़ें मजबूत कर रहे हैं। सेना और पुलिस का नेतृत्व कर चुके अफसर गांव की कमान संभालने को तैयार हैं। विमला गुंज्याल भारत-चीन सीमा के पहले गांव गुंजी की पहली ऐसी प्रधान हो सकती हैं जो सेवानिवृत्त आईपीएस हैं। सेना से रिटायर कर्नल यशपाल सिंह नेगी पहले किसान बने, अब प्रधान बनकर नया उदाहरण पेश करने जा रहे हैं। टिहरी के सजवाण गांव ने तीसरी बार जातिवाद को पटखनी दी है। सामान्य सीट के इस गांव ने अपना मुखिया एससी समुदाय से बनाने का फैसला लिया है।सोच: आईपीएस से प्रधान बनने की संभावना, गांव में मंथन जारी सीमांत क्षेत्र गुंजी गांव में इस बार ग्राम प्रधान चुनाव चर्चा ...
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