गाजीपुर, मई 25 -- भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद। लगातार मौसम में बदलाव के साथ-साथ गर्मी का तापमान धीरे-धीरे अपना प्रचंड रूप धारण कर रहा है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में पहुंचते ही धरती आग की तरह तपने लगती है, जिसके कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। हिन्दू धर्म में इस दौरान भगवान सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसे नौतपा के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार नौतपा का आरंभ 25 मई को होगा, जो दो जून तक चलेगा। सूर्य व पृथ्वी के बीच की दूरी इस वक्त सबसे कम हो जाएगी और इस कारण सूर्यदेव की तपिश काफी ज्यादा महसूस होगी। वहीं क्षेत्रीय पंडितों ने बताया कि सूर्यदेव 25 मई को सुबह 3.27 बजे कृतिका नक्षत्र से निकलकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और नौ दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में विराजित रहेंगे। इसके बाद तीन जून से आ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.