सूरत, जनवरी 30 -- किस्मत कब किस दरवाजे पर दस्तक दे दे, कोई नहीं जानता। सूरत के एक साधारण सिक्योरिटी गार्ड जितेंद्र सिंह राठौड़ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जो इंसान पैसे की तंगी के कारण हवाई जहाज में बैठने का सपना भी नहीं देख सकता था, उसे खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने दिल्ली बुलाकर गणतंत्र दिवस परेड की शोभा बढ़ाई। यह कहानी सिर्फ एक सम्मान की नहीं, बल्कि 26 साल की उस 'तपस्या' की है, जिसने देश के प्रधानमंत्री का भी दिल जीत लिया।शादी में कर रहे थे ड्यूटी, तभी बजा फोन और... जितेंद्र सिंह राठौड़ सूरत के SVNIT कॉलेज के बाहर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले उनके बैंक खाते में मात्र 102 रुपये बचे थे। गणतंत्र दिवस से 10 दिन पहले, जब जितेंद्र एक शादी समारो...