कटिहार, जनवरी 14 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सूर्य की गति से जुड़ा ऐसा खगोलीय अवसर है, जो जीवन में शुभता और सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है। जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है। इस खगोलीय परिवर्तन के साथ ही एक माह तक चले खरमास का समापन होता है और मांगलिक कार्यों का द्वार खुल जाता है। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी समय से पुण्यकाल प्रारंभ हो जाएगा। आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर के अनुसार, यह पुण्यकाल करीब 2 घंटे 32 मिनट तक रहेगा। इस ...