हरदोई, दिसम्बर 11 -- टड़ियावां। करीब डेढ़ से दो माह बीतने के बाद भी नहरें और माइनर सूखे पड़े हुए हैं। ऐसे में खेतों को हुई रबी की फसलों के सिंचाई पर किसानों को दोगुनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। क्षेत्र के जपरा गांव के किसान प्रेमशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि नहरों में पानी की दरकार होने से माइनर सूखे पड़े हैं। ऐसे में पंपसेट का सहारा लेकर रबी की फसल की सिंचाई करेंगे तो डेढ़ से 200 रुपए प्रति घंटा के हिसाब से जेब ढीली करनी पड़ेगी। गांव गौराडांडा के किसान अशोक गुप्ता, सर्वेश राठौर व शत्रुघ्न उर्फ झम्मा ने बताया कि उनके खेत से शारदा नहर काफी नजदीक है। हर बार कि तरह से इस बार भी नहर के पानी से रबी की फसल की सिंचाई करने को सोचा था लेकिन अबकी बार तो नहर के सूखे होने से पानी का इंतजार करना पड़ रहा है। पंपसेट मशीन से सिंचाई में समय की बरबादी के साथ ...