रुडकी, जनवरी 19 -- कम पानी में अधिक उत्पादन की चुनौती से जूझ रहे किसानों के लिए उद्यान विभाग की सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं उम्मीद की किरण बनकर उभर रही हैं। स्प्रिंकल और टपक (ड्रिप) सिंचाई योजनाओं के जरिए पानी की बचत के साथ ही खेती की लागत भी नियंत्रित हो रही है। एक साल में 300 से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। जबकि कई किसानों ने योजना के लिए आवेदन किया हुआ है। करीब तीन साल पहले हरिद्वार जिले में उद्यान विभाग की ओर से स्प्रिंकल योजना और टपक (ड्रिप) सिंचाई योजना संचालित की गई थी। इन योजनाओं के तहत किसानों को कुल लागत पर 55 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जबकि शेष 45 प्रतिशत अंश किसानों को स्वयं खर्च करना होगा।

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