समस्तीपुर, सितम्बर 24 -- मोरवा। शराब बंदी के बाद शराब कारोबारी एवं पियक्कड़ों पर नजर रखने के लिए एंटी लिकर टास्क फोर्स यानी एएलटीएफ का गठन किया गया था। इस टीम को आधुनिक संसाधन मुहैया कराये गए और बड़े पैमाने पर इस टीम के लिए खर्च की व्यवस्था की गई थी। शुरुआत के दौर में तो एएलटीएफ की टीम ने कुछ कारामाती क्रियाकलाप दिखाए लेकिन विगत 6 महीना से पूरा क्रियाकलाप ठप पड़ता नजर आ रहा है। इसका नतीजा है कि पूरे प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश पंचायतों में देशी शराब का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। लेकिन एएलटीएफ की कार्रवाई नहीं होने से लगातार धंधेबाजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि पहले एएलटीएफ के द्वारा लगातार क्षेत्र में दौरा कर सघन छानबीन की जाती थी। इससे लोगों में खौफ था लेकिन अब एएलटीएफ की गतिविधि पूरी तरह शांत हो गई है। इसका नतीजा है कि हर पंच...