सुल्तानपुर, नवम्बर 21 -- जयसिंहपुर, संवाददाता। आनूपुर गांव में चल रही सात दिवसीय कथा के पांचंवे दिन अयोध्या से पधारे श्रीधराचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन अपनी मधुर वाणी से किया। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण छोटे थे तो गोपियों के यहां माखन चुरा चुरा कर खाते थे। पहले तो गोपियों की ओर से इसकी शिकायत नही की गई। लेकिन बालरूप भगवान ने जब मटकी फोड़ना और उत्पात मचाना शुरू किया तो माता यशोदा से गोपी ने इस बात की शिकायत की। जब माता यशोदा ने भगवान से शिकायत के बार मे पूंछा की ऐसा क्यों कर रहे हैं। तब कन्हैया कहते हैं मेरी मैया मैंने माखन नही खाया है। ग्वाल बालों ने मेरे मुंह मे इसे बरबस ही लपेट दिया है। कथावाचक ने कहा कि बाल लीला के समय ही भगवान ने पूतना समेत कई आसुरी शक्तियों का विनाश कर दिया। कथावाचक ने कहा कि जीवन क...