रामपुर, मई 13 -- महिला सुरक्षा के तमाम कानून है। मिशन शक्ति जैसी योजनाएं शामिल है। इसके बाद भी महिलाएं उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। ससुराल को सजाने संवारने का ख्वाब संजोने वाली विवाहिताएं मायके में छिप छिप कर रोने को मजबूर हैं तो थानों की दहलीज पर पहुंच न्याय मांग रही हैं। कानूनों के पालन में कही न कहीं तो ढिलाई है। इसका ही परिणाम है कि जिले में तीन साल में महिलाओं के साथ 1405 घटनाएं हुई है। इसमें सबसे अधिक टांडा तो दूसरे नंबर पर स्वार में महिलाओं के साथ घटना हुई है। रामपुर जिले में 18 थाने है। इनमें एक महिला और एक साइबर थाना भी शामिल है। इन थानों में महिला अपराध के प्रति शासन स्तर से नित नए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान भी छेड़ रखा है। जिसमें अपराध होने से पहले से लेकर अपराध होने के बाद सजा सुनाए जाने तक काम होत...
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