नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने जाली दस्तावेजों के सहारे प्लॉट बेचकर एक सुरक्षागार्ड से दस लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट को निर्णायक मानते हुए यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि एफएसएल जांच से जाली दस्तावेजों की पूरी चेन जुड़ गई, जिससे आरोपियों की ठगी की साजिश साबित हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंकित करण सिंह की अदालत ने ओम प्रकाश शर्मा और मेघनाथ को दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह को विकास नगर इलाके में एक प्लॉट दिखाकर पहले टोकन मनी और फिर पूरी रकम नकद वसूल ली। शिकायतकर्ता ने बेहतर प्लॉट के लालच में अपना मकान तक बेच दिया और आरोपियों को कुल 10.30 ...